महराजगंज में ईद मिलादुन्नबी का जश्न, पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन और शिक्षाओं का हुआ भव्य स्मरण

मुमताज़ सिद्दीकी की ख़ास रिपोर्ट 

महराजगंज

महराजगंज, 16 सितम्बर। पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्मदिन, जिसे ईद मिलादुन्नबी के नाम से जाना जाता है, महराजगंज जिले में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। हजारों की संख्या में लोग नगर के सक्सेना चौराहे पर इकट्ठा हुए और जुलूस में शामिल होकर इस पवित्र अवसर का हिस्सा बने। नगर में विभिन्न स्थानों पर मिठाई, पानी, फल और शरबत का वितरण किया गया, जिसे स्थानीय मस्जिद कमेटी और समाजसेवी संगठनों ने आयोजित किया।

पैगंबर मोहम्मद का जन्म लगभग वर्ष 570 में मक्का में हुआ था। उनका पूरा नाम अबू अल-क़ासिम मुहम्मद इब्न 'अब्द अल्लाह इब्न' अब्द अल-मुआलिब इब्न हाशिम था। उनके जन्म का महीना इस्लामिक कैलेंडर के रबी अल-औवाल महीने में माना जाता है। पैगंबर मुहम्मद न केवल इस्लाम के संस्थापक थे बल्कि उन्होंने अपने जीवनकाल में धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और सैन्य क्षेत्रों में महान उपलब्धियाँ हासिल कीं। 

मोहम्मद साहब का मदीना में 8 जून, 632 को देहांत हुआ, जहाँ वे अपने अनुयायियों के साथ मक्का से हिजरत (प्रवासन) करने के लिए मजबूर हुए थे। आधुनिक मुस्लिम इतिहासकारों का मानना ​​है कि पैगंबर मोहम्मद का सबसे बड़ा चमत्कार उनकी सांसारिक उपलब्धियाँ थीं, जिन्होंने अरबों को एकजुट कर उन्हें एक विश्व विजेता के रूप में स्थापित किया। 

पैगंबर मोहम्मद के तीन बेटे थे—अबदुल्लाह, इब्राहिम और क़ासिम—और चार बेटियाँ—फ़ातिमा, रुकैया, उम्मे कुलसूम और ज़ैनब। उनके परिवार और उनकी शिक्षाओं का इस्लामी इतिहास में बहुत महत्व है, और यह दिन उन परंपराओं और मूल्यों को याद करने और मनाने का अवसर होता है जिन्हें पैगंबर मोहम्मद ने स्थापित किया था।

इस पवित्र दिन पर महराजगंज के लोगों ने आपसी भाईचारे और शांति का संदेश फैलाया। नगर में पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद रहा और जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस मौके पर मस्जिद कमेटी द्वारा विभिन्न पुरस्कार भी वितरित किए गए, जिससे लोगों में और अधिक उत्साह देखने को मिला। 

यह आयोजन मोहम्मद साहब के जीवन और उनके संदेश को याद करने का अवसर था, जो आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।


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